
बीहार में बाढ़ की तबाही से पुरी तरह से बर्बाद हो रही है। सरकार तो हाथ पे हाथ रखे बैठी है। कीसी को कोई पता ही नही चल रहा है की काया कीया जाए। ये तो सब बकवास ही है की कीसी को कुछ नही समझ में नही आ रहा है। बात तो यह है की यह सरकार कुछ करना ही नही चाहती है।
बात यह नही की बढ़ हर सल् आ जाती है बात तो यह है की हर साल दलालों, नेतो की जेबे भरती है बाढ़ से तो उनको क्या जरुरत है बाढ़ की हल खोजने की। वो तो चाहते ही है की बाढ़ आए और उनकी दीन आए। पर आम जनता पर क्या बीतती है वो तो आम जनता ही जानती है।
पुरी की पुरी ६ लाख आबादी मधेपुरा की बर्बाद हो रही है। कहने के लीये सेना भेजा गया है। पर क्या सेना क्या कर रही है उनकी भूख दूर कर रही है की उनकी बर्बाद हुई जीवन की संपती बचा रही है। मुझे तो लगता है लोग बच भी गए तो बढ़ के बाद बीना भोजन के मर जायंगे और सरकार की फर्ज तो केवल बाढ़ तक है बाढ़ के बाद नही।
सरकार पहले से बाढ़ की हल नही खोजती है की बाढ़ नही आए ये तो बाढ़ को बुलाती है फीर सहायता के नम पर सब को लुटती है। बात करते है भारत चमकती भारत है पर ये है तस्वीर चमकती और उभरती भारत की जहाँ लोगो की जीवन देखने पे आत्मा डर जाती है.
बात यह नही की बढ़ हर सल् आ जाती है बात तो यह है की हर साल दलालों, नेतो की जेबे भरती है बाढ़ से तो उनको क्या जरुरत है बाढ़ की हल खोजने की। वो तो चाहते ही है की बाढ़ आए और उनकी दीन आए। पर आम जनता पर क्या बीतती है वो तो आम जनता ही जानती है।
पुरी की पुरी ६ लाख आबादी मधेपुरा की बर्बाद हो रही है। कहने के लीये सेना भेजा गया है। पर क्या सेना क्या कर रही है उनकी भूख दूर कर रही है की उनकी बर्बाद हुई जीवन की संपती बचा रही है। मुझे तो लगता है लोग बच भी गए तो बढ़ के बाद बीना भोजन के मर जायंगे और सरकार की फर्ज तो केवल बाढ़ तक है बाढ़ के बाद नही।
सरकार पहले से बाढ़ की हल नही खोजती है की बाढ़ नही आए ये तो बाढ़ को बुलाती है फीर सहायता के नम पर सब को लुटती है। बात करते है भारत चमकती भारत है पर ये है तस्वीर चमकती और उभरती भारत की जहाँ लोगो की जीवन देखने पे आत्मा डर जाती है.